बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही आंगनबाड़ी लाभार्थी योजना छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है। पहले इस योजना के तहत लाभार्थियों को आंगनबाड़ी केंद्रों से पका हुआ भोजन और सूखा राशन उपलब्ध कराया जाता था। लेकिन कोविड-19 महामारी के बाद सरकार ने इस प्रक्रिया में बदलाव करते हुए अब सीधा बैंक खाते में पैसे भेजने की व्यवस्था की है।
अब 1 से 6 वर्ष तक के बच्चों को हर महीने ₹2500 की आर्थिक सहायता उनके परिवारों को दी जाएगी ताकि बच्चों को सही पोषण मिल सके और उनकी सेहत पर कोई असर न पड़े। इस योजना का लाभ केवल उन्हीं बच्चों और महिलाओं को मिलेगा जो पहले से आंगनबाड़ी से जुड़े हुए हैं।
बच्चों और गर्भवती महिलाओं को हर महीने ₹2500 मिलेंगे
इस योजना की शुरुआत बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा की गई थी। योजना के तहत 6 वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। पहले आंगनबाड़ी केंद्रों पर उन्हें भोजन और राशन उपलब्ध कराया जाता था, लेकिन लॉकडाउन के कारण केंद्र बंद होने की वजह से यह सुविधा बाधित हो गई थी।
लाभार्थियों को इसका पूरा लाभ देने के लिए सरकार ने बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पैसे भेजने की प्रक्रिया शुरू की। इससे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण मिल सकेगा और वे स्वस्थ रह सकेंगी। सरकार ने इस योजना के लिए एक आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की है, जिससे लोग घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आंगनबाड़ी लाभार्थी योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए लाभार्थियों को निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत होगी:
- माता या पिता में से किसी एक का आधार कार्ड
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
- पंजीकृत मोबाइल नंबर
- लाभार्थी बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
किन्हें मिलेगा इस योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ उन सभी गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 1 से 6 वर्ष तक के बच्चों को मिलेगा जो पहले से आंगनबाड़ी से जुड़े हुए हैं। सरकार उनके बैंक खाते में हर महीने ₹2500 की सहायता राशि भेजेगी, जिससे वे अपने भोजन और पोषण की जरूरतें पूरी कर सकें।
कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?
इस योजना का लाभ पाने के लिए बिहार राज्य के लाभार्थियों को समाज कल्याण विभाग और एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा।
ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया इस प्रकार है:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- होम पेज पर दिए गए “आंगनबाड़ी लाभार्थी योजना ऑनलाइन पंजीकरण” विकल्प पर क्लिक करें।
- नए पेज में “प्रपत्र भरने के लिए यहां क्लिक करें” विकल्प को चुनें।
- आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी जैसे जिला, परियोजना, पंचायत, आंगनबाड़ी केंद्र आदि को भरें।
- माता या पिता में से किसी एक का आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट नंबर और पासवर्ड दर्ज करें।
- लाभार्थी की श्रेणी (गर्भवती महिला, स्तनपान कराने वाली मां या 1-6 वर्ष का बच्चा) का चयन करें और बाकी जानकारी भरें।
- सभी जानकारी भरने के बाद स्वीकृति बॉक्स पर टिक करें और कैप्चा कोड भरकर रजिस्टर करें।
- आवेदन पत्र सबमिट करने के बाद यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करके प्रक्रिया को पूरा करें।
योजना से क्या फायदे होंगे?
बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सही पोषण और स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना है। कोरोना महामारी के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाएं प्रभावित हुई थीं, लेकिन अब सरकार सीधे बैंक खातों में पैसा भेजकर लाभार्थियों तक मदद पहुंचा रही है।
इस योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के बच्चों को उचित पोषण मिल सकेगा और गर्भवती महिलाओं को भी आर्थिक सहायता दी जाएगी ताकि वे खुद का और अपने बच्चे का ठीक से ख्याल रख सकें। इसके अलावा, यह योजना पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया से जुड़ी है, जिससे लोगों को आवेदन करने में कोई कठिनाई न हो।
निष्कर्ष
आंगनबाड़ी लाभार्थी योजना बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जो 1 से 6 वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। अब सरकार हर महीने ₹2500 की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर रही है, जिससे लाभार्थी अपना भोजन और पोषण संबंधी जरूरतें पूरी कर सकें।
अगर आप इस योजना के पात्र हैं और अब तक आवेदन नहीं किया है, तो जल्द से जल्द आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाएं और इस योजना का लाभ उठाएं।



